बड़ी खबर!! आखिर क्यों कर रही है मोदी सरकार हाजमोला की खाली बोतलें इकट्ठा?

आखिर क्यों कर रही है मोदी सरकार हाजमोला की खाली बोतलों की तलाश? ऐसा क्या राज़ छुपा है इन बोतलों में? ये मोदी का अब तक का सबसे बड़ा कारनामा होने वाला है। इसके बाद 2019 में मोदी का चुनाव जीतना है बिल्कुल तय।

rajniti.net के खोजी पत्रकारों ने अपनी जान पर खेल कर भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय की कुछ अति गोपनीय फाइलों से ये जानकारी प्राप्त की है कि भारत सरकार सारे देश से हाजमोला की पुरानी खाली बोतलें इकट्ठा कर गुजरात स्थित एक खुफिया ठिकाने पर भेज रही है। ये काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है।

इस काम को करने में demonetization से भी ज़्यादा गोपनीयता बरती जा रही है। इसके बारे में बड़े बड़े अधिकारियों और यहां तक कि कुछ केंद्रीय मंत्रियों को भी खबर नही की गई है।

इन फाइलों में एक गुप्त प्रोजेक्ट के बारे में बहुत ही संवेदनशील जानकारी है। इन फाइलों में ये भी लिखा है कि पेट्रोल पर इतना अधिक टैक्स लगाने के पीछे सरकार का क्या उद्देश्य है और ये इन हाजमोला की खाली बोतलों से कैसे संबंधित है।

अभी तक लोगों का ऐसा मानना था कि सरकार पेट्रोल और डीज़ल पर इतना अधिक टैक्स प्राइवेट कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए लगा रही है। पर हमे प्राप्त जानकारी से ये बात पूरी तरह सिद्ध हो जाएगी कि ये सारा टैक्स का पैसा मोदी जी के आदेशानुसार एक गुप्त प्रॉजेक्ट पर खर्च किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के सफल होते ही भारत के प्रत्येक नागरिक को दिन ब दिन बढ़ती महंगाई से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

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फाइलों में बताया गया है कि गुजरात मे एक गुप्त ठिकाने पर सरकार ने सभी तरह की आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक विशेष लैबोरेट्री बनाई है और यहाँ पर देश और विदेश के बहुत सारे प्रतिष्टित वैज्ञानिकों को एक ऐसी गोली बनाने के लिए कहा गया है जिसे पानी मे डालते ही पानी पेट्रोल में बदल जाएगा।

इस पेट्रोल को इस्तेमाल करने के लिए आपको अपनी मौजूदा गाड़ी में किसी भी प्रकार का फेरबदल नही करवाना होगा। आप चाहें तो गाड़ी के पेट्रोल टैंक में पानी भरने के बाद ये गोली सीधे टैंक में भी डाल सकते हैं।

ये प्रोजेक्ट लगभग पूरा हो चुका है और अब गोलियों की पैकेजिंग कैसे की जाए इस को लेकर हुए रिसर्च में हाजमोला की बोतल ही इन गोलियों के लिए सर्वश्रेष्ठ पाई गई हैं।

हाजमोला की बोतलों के आकार, रंग और बनावट इस प्रकार की है गोलियों पर धूप, हवा, पानी, गर्मी, “शर्दी” और अन्य किसी भी बाहरी चीज़ का कोई प्रभाव नही पड़ता और गोलियों की पूरी “streanh” बनी रहती है।

मोदीजी चाहते हैं कि ये गोलियां मुफ्त में देश के सभी नागरिकों को उपलब्ध हो इसलिए सरकार ने निर्णय लिया है कि पैकिंग के लिए नई बोतलें नही बनवाई जाएंगी क्योंकि उन पर खर्च बहुत ज़्यादा होगा। इसकी जगह पर पुरानी हाजमोला की बोतलों को देश भर से इकट्ठा कर के गुजरात मे पैकेजिंग प्लांट पर भेजा जा रहा है। पुरानी बोतलों के इस्तेमाल से बचने वाले पैसे से और ज़्यादा गोलियां बनाई जाएंगी जो मोदीजी के अगले पांच साल की सरकार के कार्यकाल में लिए पर्याप्त होंगी।

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फाइलों के अनुसार इस प्रोजेक्ट का कोड नाम रखा गया है “मोदी की गोली” पर लॉन्च होने पर क्या नाम होगा इस पर निर्णय अभी नही लिया गया है।

गुप्त फाइलों में कुछ विशेष टिप्पड़ियां मोदी जी ने खुद लिखवाई है। जिनमे से सबसे महत्वपूर्ण बात विशेष बात है जो लाल रंग के पेन से लिखी गयी है। इस टिप्पड़ी में लिखा है कि किन्ही दो व्यक्तियों, जिनमे से एक महिला है और एक पुरुष, को विशेष रूप से प्रधानमंत्री निवास में आमंत्रित कर उन्हें इन गोलियों के बारे में अच्छे से समझाया जाये। इन को सबसे ज़्यादा इस बात पर ध्यान रखने को कहा जाएगा कि इन गोलियों में कोई “GPS माइक्रो चिप” नही लगी है। इन स्वेता और सुधीर नाम के व्यक्तियोँ के बारे में अभी कोई और जानकारी हमे नही मिल पाई है। कोई भी इन लोगों के बारे में जानता हो तो नीचे कमेंट ज़रूर करें।

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