आर्टिकल 370: एक भक्त के पिता की दुःख भरी दास्तान
हाल ही में देश की सदन ने आर्टिकल 370 को हटा दिया और मीडिया में काफ़ी ख़ुशी का माहौल बन गया। मीडिया में हर प्रकार की ख़बरें देख बिना किसी सही जानकारी के सारे भक्त भी खुशी से झूमते हुए मन में तरह तरह की बातें बनाने लगे।
किसी को लगा कि वो अब कश्मीर में प्लाट या मकान ले लेगा तो किसी को लगा उसकी शादी अब किसी कश्मीरी लड़की से हो जाएगी। बहुत से लोगों को तो ये लग रहा कि उनकी ज़िंदगी की सारी समस्याएं इस आर्टिकल 370 की वजह से ही थीं और अब इसके हटने के बाद सारी समस्याएं क्षण भर में समाप्त हो जाएंगी। अब उनकी नौकरी लग जायेगी, सड़कें अच्छी हो जाएंगी, नेटफ्लिक्स सब्सक्रिप्शन फ्री में मिलेगा और उनके पिम्पल भी ठीक हो जाएंगे।
एक भक्त ने तो यह भी बताया कि महाराष्ट्र में सूखे की समस्या भी इसी वजह से थी, क्योंकि आर्टिकल 370 की वजह से बादल नही पहुँच पाते थे। अब देखो इस के हटते ही कैसी बारिश हो रही है।
हमारे संवाददाता mufflrman जानने के लिए निकले कि ज़मीन पर लोगों का इस बारे में क्या विचार है। उन्हें एक ऐसा व्यक्ति मिला जो काफी दुःखी दिख रहा था। पूछने पर पता चला इस इस गरीब व्यक्ति का बेटा एक “भक्त” है और अब यह पिता तंग आ चुका मीडिया के रोज़ रोज़ उत्सव मनाने से जिसकी वजह से उसका बेटा परेशानियां खड़ी कर देता है।

इस गरीब पिता ने अपनी आपबीती बताई जिसे हम उसी के शब्दों में आपके सामने प्रस्तुत कर रहे हैं:
भैया मैं तो परेशान हो गया हूँ इस रोज़ रोज़ के नाटक से। वहां पर मोदी जी कुछ नया शुरू कर देते हैं और हमारा बेटा जो उनका भक्त है वो कोई नई मुसीबत खड़ी कर देता है। कमाता धमाता कुछ है नही, इसके चक्कर मे हमारा नुकसान और हो जाता है।
सबसे पहले तो वो स्वच्छ भारत अभियान आया और हमारे लड़के ने झाड़ू उठा लिया। हमने बोला बेटा अपने खेत मे खर पतवार निकाल दे। सफाई भी हो जाएगी फसल भी अच्छी होगी। पर नही वो तो अपने घर से झाड़ू और कचरे का डब्बा उठा कर चल दिया। हमने पूछा झाड़ू तो ठीक है कचरा कहाँ ले जा रहा तो बोला “बापू तुम तो समझते ही नही हो, इस कचरे को पहले फैलाएंगे तब तो न झाड़ू लगाना सही दिखेगा”। हमने सोचा चलो इस बहाने कचरा ही फेंक आएगा। पर दिन भर चौक पर नौटंकी करने के बाद शाम को ढेर सारा कचरा घर ले आया। बोला “झाड़ू लगा दिए थे, फिर कचरा वहीं डाल देंगे तो स्वच्छ भारत कैसे होगा”। बताइए लड़का बाहर से कचरा घर ला कर स्वच्छ भारत बना रहा।
फिर वो गौ रक्षा वाला नाटक आया। एक दिन हम लड़के को खेत मे बैठा कर गए कि देखभाल करना हम बाजार में सब्जी बेच कर आ रहे। वापस आये तो देखा खेत में चार गाय चर रहीं और हमारा लड़का उनको देख देख कर किशन जी जैसे मंद मंद मुस्कुरा रहा। हम को बोलता है “गाय हमारी माता है और उसको नही भगा सकते”। सारी फसल चौपट करवा दिया। और तो और रात को गाय घर के अंदर ले आया और बोला “गाय ऑक्सीजन छोड़ती है तो रात में हम सब को साफ हवा मिलेगी। और गोबर में सोना होता है, बाहर बांधेंगे तो कोई सोना चुरा सकता है”। हम गोबर में उसका मुह घुसेड़ दिए और बोले दांत से सोना पकड़ लाओ। ऑक्सीजन का तो पता नही रात भर गाय ने दूसरी गैस ज़रूर छोड़ी घर में। सांस लेना भी दूभर हो गया। बताइये!
फिर आया वो demonetization। हम इधर पैसों के लिए भूखे प्यासे लाइन में लगे कि पैसा हाथ मे आये तो घर मे ज़रूरी सामान आये। उधर हमारा बेटा लोगों को बता रहा कि पैसा केवल उसके ही पास नही है जिसके पास काला धन है, गरीब आदमी को कोई परेशानी नही हो रही है। हम कहे बेटा तुम लाइन में लग जाओ हम जा कर बाजार में सब्जी बेच आएं नहीं तो रखी रखी खराब हो जाएगी फिर बिकेगी नहीं, नुकसान हो जाएगा। हमको बोलता है “वहाँ बॉर्डर पर हमारे जवान भूखे प्यासे खड़े हैं और बापू तुम यहाँ थोड़ी देर भी खड़े नही हो सकते।” जवानों की भूख दिख रही बाप की नहीं दिख रही। बताइये!
फिर एक दिन मोदी जी कह दिए “अगर कोई पकौड़े बेच कर 200 रुपये कमाता है तो उसे रोज़गार नही मानोगे क्या।” बस हमारा बेटा ज़िद करने लगा कि पकौड़े की दुकान खोलना है। हम बहुत कहे बेटा हमारे साथ खेत मे काम करो ज़्यादा अच्छा काम है। पर नहीं, हमारी कहाँ सुनता है मोदी जी कि सुनता है बस। उसकी माँ हम से बोली खुलवा दो पकौड़े की दुकान, इस बहाने कुछ काम तो करने लगेगा। हम खुलवा दिए। बेटा खुश, हम भी खुश। दो दिन बाद दुकान हमेशा के लिए बंद कर कड़ाही ले कर घर आ गया। हम पूछे क्या हुआ तो बोला “मोदीजी बोले थे 200 रुपये कमाना है, 200 हो गए”। बताइये!
अभी एक दिन हम कहे बेटा रैली जा रही है किसानों का लोन माफ करवाने के लिए, हमको खेत मे काम है ,तुम चले जाओ हमारी जगह। शायद अपना भी लोन माफ हो जाये। हमको बोलता है “कब तक देश के ऊपर बोझ बनोगे, अपना पैसा खुद कमाओ। कांग्रेस ने देश बर्बाद कर दिया और सरकार के पास बिलकुल पैसा नही है”। दूसरे ही दिन मोदीजी 3000 करोड़ की बड़ी सी मूर्ति का उद्घाटन कर दिए। हमको कहता है “इस से देश का नाम होगा”। पत्थर, लोहे की मूर्ति में देश का नाम दिख रहा इसको इधर हाड़ मांस का बना बाप मिटा जा रहा है वो नही दिख रहा इसको। बताइये!
अभी ये नया तीन सौ सत्तर इकहत्तर बहत्तर का नाटक आया है। हमको बोल रहा बेटा कि “अब कश्मीर में मकान लेंगे और वहाँ की लड़की से शादी करेंगे”। हम तो इतना सुनते ही बिना कुछ बोले घर से आ गए। चार दिन से माँ को खांसी उठ रही, बाजार से दवाई तो ला नहीं सकता अपने पैसों से, कश्मीर में मकान लेगा। बताईये!
अब हम जाएंगे जंगल सबसे मोटी और मजबूत वाली लकड़ी काटेंगे पेड़ से। फिर घर जा कर दिल से सूतेंगे उस को। अगली बार इन नाटकों में नाचने से पहले अपने बाप को याद करेगा फिर मोदी को। और फिर ये डंडा ले कर किसी मीडिया चैनल के आफिस जाएगे देखें उधर कुछ ठीक हो पाए तो।
यह सब सुनने के बाद हमारे संवाददाता mufflrman ने बताया “ज़मीन पर जनता में काफी उत्साह और खुशी का माहौल है आर्टिकल 370 के हटने से। सभी इस की दिल से तारीफ कर रहे हैं और देश भर में जश्न मनाया जा रहा है”।
यह सुन कर बाकी की राजनीति ह्यूमर की टीम को शक है mufflrman सीक्रेटली ANI के लिए काम करता है।
Next level bro..love your work
Thanks Vipin
Sorry I saw your comment late. Yours is first comment here.