तेजिंदर बग्गा के आमरण अनशन पर बैठ जाने के बाद कुछ लोगों ने एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को स्टेचू बनाने का कॉन्ट्रैक्ट दिया था और साथ ही एडवांस भी