तेजिंदर बग्गा के अनशन में हज़ारों की भीड़। सर्वे में सामने आए चौकाने वाले तथ्य।
भाजपा नेता तेजिंदर बग्गा दिल्ली में कांग्रेस नेता कमल नाथ के खिलाफ आमरण अनशन बैठ गए हैं और देर रात जुटी भारी भीड़ में हमारे द्वारा किये गए सर्वे में काफी चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
भाजपा प्रवक्ता तेजिंदर बग्गा जो कि प्रवक्ता बनने के पहले रात के अंधेरे में पोस्टर चिपकाने का काम करते थे और बाद में टीशर्ट बेचने के व्यवसाय में आ गए हैं उन्होंने मध्य प्रदेश के नव निर्वाचित मुख्य मंत्री कमलनाथ के खिलाफ दिल्ली में अनशन प्रारम्भ किया है।
उनका कहना है कमलनाथ का 1984 के सिख समुदाय के खिलाफ हुए दंगों में बड़ा हाथ था। बग्गा का दावा है जब तक कमलनाथ को मुख्य मंत्री पद से हटाया नही जाता वो अनशन पर कायम रहेंगे।
उन्होंने जब ये आमरण अनशन शुरू किया तक उनके समर्थन में मुट्ठी भर लोग ही इकट्ठा हुए थे जो बग्गा को मोटीवेट कर के काके के ढाबे पर छोले भठूरे खाने चले गए पर देर रात तक भीड़ हज़ारों की संख्या में पहुंच गई। दिसंबर की सर्द रात होने के बावजूद इतने लोगों के पहुंचने से बग्गा खुद अचंभित थे। पुलिस को इस भीड़ को सम्हालने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्यूंकि किसी को उम्मीद भी नहीं थी की बग्गा के लिए कोई भी आएगा।
इतनी सारी जनता के आने के पीछे क्या कारण है यह जानने के लिए राजनीति ह्यूमर के पत्रकारों ने आनन फानन में वहाँ पहुँचे लोगों के बीच सर्वे कर डाला। इस सर्वे में जो तथ्य सामने आए उसे देख क्र सभी चकित रह गए।
भीड़ में मौजूद 90 प्रतिशत लोगों का कहना था इस अनशन के सफल होने से देश का भला होगा ज़रूर होगा। कमलनाथ की कुर्सी जाए या बग्गा जाए दोनों ही अवस्था में सबको खुशी होगी। इसी लिए सभी लोग ये सुनिश्चित करने आये हैं कि बग्गा कुछ खा न ले। इस लोगों की तैयारी इतनी कड़ी है कि अनशन स्थल को पूरी तरह से घेर लिया गया है। पानी पूरी और समोसे वालों को २ किलोमीटर दूर तक खदेड़ दिया गया है। यहाँ तक कि एक प्रतिष्ठित कंपनी ने देश हित में अपने कैमरे बाथरूम में लगाने के लिए मुफ्त में प्रदान किये ताकि वहाँ पर विशेष नज़र राखी जा सके।
वहाँ पहुंचे 8 प्रतिशत लोगों का कहना था उनको पक्का भरोसा है बग्गा कुछ न कुछ ज़रूर खायेगा और वो केवल मौके के तलाश में हैं ताकि उसकी फ़ोटो सोशल मीडिया पर डाल कर चुटकुले बना कर मजे लिए जा सकें। इन लोगों का उत्साह चरम पर था और पुलिस को इन्हे सम्हालने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
1 प्रतिशत लोगों का कहना था “भाई हम तो टेंट वाले हैं। ये पिछली बार 4 घंटे में अनशन खत्म कर के निकल गया तो हम देखने बैठे हैं कि साथ मे हमारा टेंट भी न ले जाये।” इन टेंट वालों को हमारे पत्रकार ने समझाया की वो 4 घंटे वाला बिन्नी था बग्गा नहीं।
बाकी के 1 प्रतिशत लोगों से पूछा गया कि क्या आप बग्गा के समर्थक हैं तो वो गुस्सा हो गए और बोले “बग्गा का समर्थक कह के बेइज़्ज़ती मत करो। जेबकतरे हैं हम, थोड़ी इज़्ज़त है हमारी इस दुनिया में”।

इसी बीच कौने में मौका देख के बेहोश हो जाने में एक्सपर्ट एक मिश्रा जी भी देखे गए जो अपने नोट्स स्टडी कर रहे थे ताकि बग्गा को ठीक से सिखाया जा सके कि बेहोश कब और कैसे होना है ताकि बाद में ऑस्कर के लिए नॉमिनेशन मिलने में कोई समस्या न हो।
UPDATE: बग्गा ने अपना आमरण अनशन साढ़े तीन दिन में ही ख़त्म कर दिया है और इसी वजह से कुछ नई खबरें सामने आयी हैं।