निशांत चतुर्वेदी ने BBC को किया अनफॉलो, BBC हेड क्वार्टर में हड़कंप। निराशा से बचने बुलवाये गये मानसिक चिकित्सक
हाल ही में BBC न्यूज़ ने कश्मीर का एक वीडियो जारी किया जिसमें आर्टिकल 370 के हटने के बाद कश्मीर में उत्पन्न स्तिथि को दिखाया गया। भारतीय मीडिया ऐसे किसी भी खबर या वीडियो को दिखाने से बच रही थी। BBC के इस वीडियो से भारतीय मीडिया चैनल के एक पत्रकार निशांत चतुर्वेदी को काफी आघात लगा और उन्होंने इसके विरोध में तत्काल ही BBC को ट्विटर पर अनफॉलो कर दिया। जानकारी मिली है निशांत जी के अनफॉलो की वजह से BBC के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और काफी सारे पत्रकार डिप्रेशन में चले गए, जिनकी सहायता के लिए मनोचिकित्सक की सहायता ली जा रही है।

निशांत चतुर्वेदी ने BBC को क्यों अनफॉलो किया और उसकी वजह से BBC दफ्तर में क्या क्या हुआ उस पर हमारे संवाददाता mufflrman की रिपोर्ट प्रस्तुत है।
संसद द्वारा कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाने के बाद से ही भारतीय मीडिया यह बताने में लगी हुई है कि घाटी में सब कुछ पहले के मुकाबले न केवल ठीक है बल्कि लोग पहले से बहुत ज़्यादा खुश हैं। मीडिया द्वारा दिन रात बताया जा रहा है कि लोग अपनी खुशी तरह तरह से ज़ाहिर कर रहे हैं। कुछ ने अपनी मर्ज़ी से घर से बाहर जाना बंद कर दिया है, तो कुछ ने अपने फ़ोन और कंप्यूटर में इंटरनेट बन्द कर दिया है। लगभग सभी कश्मीरवासियों ने स्वेच्छा से अपने फ़ोन भी बंद कर दिए हैं। कुछ लोग तो इतने खुश हैं कि वो अपने घर के बीमारों को ले कर अस्पताल भी नही ले जा रहे। बच्चे स्कूल ना जा कर घर में ही ख़ुशी के मारे नाच रहे हैं। हालांकि वहाँ कर्फ़्यू नही लगाया गया है।
इसी बीच BBC न्यूज़ ने अपनी खबर के साथ एक वीडियो जारी कर दिया जिसमें लोग सड़कों पर इकट्ठा हो कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और पुलिस उन पर पेलेट गन से फायर कर रही है।
इस वीडियो को देख कर भारतीय मीडिया ने काफी विरोध प्रदर्शित किया और यहां तक कि निशांत चतुर्वेदी नामक पत्रकार ने तो BBC को ट्विटर पर अनफॉलो कर दिया।
बाकी मीडिया के विरोध से तो BBC को कोई फ़र्क नही पड़ा परंतु निशांत जी के अनफॉलो करने से BBC हेड क्वार्टर में हड़कंप मच गया।
निशांत जी के अनफॉलो करने की खबर BBC के दुनिया भर के तमाम ऑफिसों में तूफान की गति से फैल गयी। हर किसी के लिए ये खबर ज़ोरदार झटके से कम नही थी। काफी सारे लोग सदमे की स्तिथि में थे। किसी को कुछ समझ नही आ रहा था।
निराशा का यह आलम था कि कुछ लोग एक दूसरे के गले लग कर रोने लगे तो कुछ हाथ जोड़ कर भगवान से उन्हें इस विकट स्तिथि से उबारने की प्रार्थना करने लगे। कुछ लोग तो इतने स्तब्ध थे कि वो कुछ सोच समझ ही नही पा रहे थे। उन्हें अपना भविष्य बिल्कुल अंधकारमय नज़र आ रहा था।
जो लोग कुछ समय पश्चात थोड़ा ठीक महसूस करने लगे उन्होंने इस स्तिथि से निपटने का ज़िम्मा अपने कंधे पर ले लिया। वो हर टेबल और केबिन में जा जा कर अपने साथी पत्रकारों का ढांढस बंधाने लगे और दिलासा देने लगे कि सब ठीक हो जाएगा। कुछ लोग थोड़ा संभाल रहे थे तो वहीं कुछ लोग और भी ज़्यादा बुरी तरह रोने लगते।
स्तिथि को ठीक होता न देख मीटिंग कर के यह फैसला लिया गया कि डिप्रेशन में गए लोगों की सहायता के लिए मानसिक चिकित्सक बुलाये जाएं।
ताज़ा जानकारी मिलने तक मानसिक चिकित्सक लोगों का इलाज करने की कोशिश कर रहे हैं पर लोगों की संख्या बहुत ज़्यादा होने के कारण स्तिथि पूरी तरह नियंत्रण में नही है।
शेयर मार्केट में भी BBC के शेयरों में ज़ोरदार गिरावट दर्ज की गई। जिसका असर भी कर्मचारियों पर ठीक नही रहा है। उन्हें डर सता रहा है कहीं BBC न्यूज़ बन्द न हो जाए और उनकी नौकरी न चली जाए।
बताया जा रहा है “विश्व BBC कर्मचारी संघ” ने एक पत्र लिखा है और सभी कर्मचारियों में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा हैं। यह पत्र निशांत चतुर्वेदी को भेजा जाएगा। इस पत्र में निशांत जी से ये अनुरोध किया गया है कि वे BBC को अनफॉलो करने के अपने फैसले पर शांत मन से पुनः विचार करने की कृपा करें व हो सके तो BBC के सदमे में गए पत्रकारों को एक सात्वना भरा संदेश भी भेज देवें।
कर्मचारी संघ ने एक पत्र BBC मैनेजमेंट को भी लिखा है जिसने मांग की गई है कि अब से साफ वीडियो या अपनी आंखों पर भरोसा न किया जाए और किसी भी खबर या वीडियो को जारी करने से पहले निशांत जी से उनकी राय ज़रूर ली जाए। जिस से दोबारा ऐसी स्तिथि के बनने से बचा जा सके।
निशांत जी इस बारे में क्या करने का सोच रहे हैं ये जानने हेतु राजनीति ह्यूमर की टीम ने निशांत जी के नाम एक ईमेल लिख ड्राफ्ट में सेव कर लिया है जिसका जवाब यह खबर मिलने तक हमें प्राप्त नही हुआ है।
इस खबर पर हमारे संवाददाता mufflrman नज़र बनाये हुए हैं। ताज़ा जानकारी के लिए आप उन्हें ट्विटर पर फॉलो कर सकते हैं।